शनिवार, सितंबर 14, 2013

हो गई देर..पर नए मोड़ पर हम हैं खड़े

कभी जाने-अनजाने लोग किसी प्लेटफॉर्म से गायब हो जाते हैं....कोई सूचना भी नहीं दे पाते...हालांकि ऐसा होना नहीं चाहिए..पर हो जाता है....यही हाल अपना भी रहा..तहरीके चौक पर घूमने के बाद अचानक ही जाने कहां खो गया...ये कहूंगा की बहुत व्यस्त था..तो सरासर झूठ होगा....बस हो गया...जब बिना मसरुफियत के..बिना किसी प्रेशर के भी गायब हो गया ....बस लग रहा था दो दिन औऱ...दो दिन और....ऐसे करते-करते 19 दिन हो गए...आज जब आना हुआ तो दो खासी बड़ी घटनाएं अपने पड़ाव तक पहुंच गईं....पहला ये कि अब तक के सबसे चर्चित अपराध के अपराधियों को उनके किए की सजा अदालत ने दी....16 दिसंबर के दरिंदों को  फांसी के तख्ते तक धकेल दिया गया है....साथ ही पहली बार न्यायपालिका...समाज और सत्ता शिद्दत के साथ महसूस कर रहे हैं कि इस तरह के अपराधियों को जल्द से जल्द दंड दिया जाना चाहिए। 

दूसरी महत्वपूर्ण घटना ये हुई कि आखिरकार बीजेपी ने नरेंद्र मोदी की अगुवाई में 2014 के लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। ये एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है..जो आने वाले समय में देश की दिशा तय करेगा...बीजेपी ने अपना तुरुप का  पता चल दिया है....अब सबकी नजर इस बात पर है कि कब राहुल गांधी कांग्रेस की कमान खुलकर संभालते हैं....यानि नमो V/s रागा कब शुरु होता है....अब देश के सामने खुलकर दो चेहरे हैं...अब ये हम और आप सबमिलकर तय करेंगे कि हम अगले साल किस शख्स के हाथ में अपने देश की कमान सौंपगें।

मां..काश कुछ फिल्मी फरिश्ते मिलते

   पुरानी फिल्मों में फैमली डॉक्टर के हाथ में एक जादू का बक्सा होता था। कैसी भी बीमारी हो , एक गोली देता था , या इंजेक्शन लगाता था और ब...