गुरुवार, फ़रवरी 20, 2014

हम होगें कामयाब अभी...बशर्ते...!

      हमारे देश जैसा समाजिक तानाबाना किसी देश का नहीं है। हमारा समाज आधुनिकता के उस प्लेटफॉर्म पर खड़ा है, जिसकी नींव अनेक संस्कृतियों के मेल और विसंगतियों से बनी है। हम ऐसी जगह पर खड़े हैं जिसके चारो तरफ असमानता का बोलबाला है। जिसके कारण आर्थिक औऱ समाजिक तौर पर हम काफी पिछड़े हुए हैं। इसी पिछड़ेपन के कारण लोगो का माइंडसेट भी बूरी तरह से बंटा हुआ है। इनसब के कोलॉज को लिए भारत का युवा आधुनिकता की दौड़ में झिझक के साथ शामिल होता है। 
इंडस्ट्री बेस एजुकेशन समय की जरुरत 
  ऐसे हालात से युवाओं को बाहर निकालने के लिए जरुरी है कि हर क्षेत्र में मजबूत इच्छाशक्ति औऱ राजशक्ति के साथ विकास की गाड़ी सरपट दौड़े। तेज आर्थिक विकास औऱ समान अवसर से ही देश को पिछड़े समांतवादी दौर से बाहर निकलेगा। इसके लिए युवाओं के हाथ में काम देना होगा औऱ भ्रष्ट प्रशासन पर लगाम कसनी होगी।
  भारत की युवा शक्ति से दुनिया का हर देश परिचित है। मगर मुसीबत ये है कि हमारे यहां युवाओं के रुप में बेरोजगारों की फौज खड़ी है। सालों से इंडस्ट्री की शिकायत है कि हमारे यहां कार्यकुशल यानि स्कील्ड लोगो की भारी कमी है। इस शिकायत औऱ बेराजगारों की फौज को कम करने के लिए हमें एक समयबद्ध यानि टाइमबेस प्लान बनाना होगा। सबसे पहले ये देखना होगा कि आने वाले समय में किस क्षेत्र में कितने लोगो की जरुरत है। फिर उस हिसाब से देश के हर जिले में तकनीकि औऱ मैनेजमेंट संस्थान खोलने होंगे। जिनमें सस्ती औऱ क्वालिटी एजुकेशन लोगो को मिल सके। 
भ्रष्टाचार औऱ लापरवाही
   ऐसा नहीं है कि इंडस्ट्री के हिसाब से हमारे यहां रिपोर्ट औऱ सर्वे नहीं है। जैसे हमें पता है कि आने वाले समय में भारत को कितने डॉक्टरों की जरुरत पड़ेगी। मगर इन सब योजनाओं को अमली जामा पहनाने में भ्रष्ट प्रशासन सबसे बड़ा रोड़ा है। इस समस्या से निपटने के लिए जरुरी है कि अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहन मिले और भ्रष्ट को तत्काल दंड। इसके लिए एक उपाय ये है कि सरकारी सेवा में आने वाले हर शख्स से उसकी प्रॉपर्टी की डिटेल का फॉर्म भरवाया जाए। जिसमें उसकी औऱ उसके परिवार की आमदनी का रिकॉर्ड हो। ठीक वैसे ही जैसा चुनाव के वक्त राजनेताओं से भरवाया जाता है। 
    इस तरह से इन दो क्षेत्रों में युद्धस्तर पर काम करके हम बाकी समस्याओं को काबू करने कि दिशा में कारगर पहल कर सकते हैं। 

(भ्रष्टाचार पर कुछ पुरानी पोस्ट)
(India Corruption-1,Corruption-2,corruption-3., corruption-4, )

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