रविवार, जुलाई 19, 2015

अरे स्#!!!! पेस ईसाई ..सानिया मुस्लिम है.????

   क्या आपको पता था या फिर याद था कि लिएंडर पेस ईसाई हैं, या आपको सानिया मिर्जा को खेलते हुए देखते वक्त याद आता है कि वो मुस्लिम हैं। यार मुझे तो याद नहीं रहता था। वो तो भला हो उन पत्रकार महोदय का जिन्होंने लंदन में पेस से एक सवाल कर लिया और हम सबको पता चल गया कि हमारे खिलाड़ी भी हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई हैं, भारतीय नहीं। कसम से यार कितने भुलक्कड़ हैं हम लोग जो ऐसी बातें भूल जाते हैं!!! 
    विंबलडन जीतने के बाद लंदन में एक पत्रकार महोदय ने लिएंडर से पूछा था कि भारत के लिए एक खिताब ईसाई ने जीता है यानि पेस ने, और दूसरा खिताब एक मुस्लिम यानि सानिया ने। लिएंडर ने कहा कि यही भारत कि बहुल संस्कृति की खासियत है। कसम से यार, ये पढ़कर पहली बार मुझे याद आया कि लिएंडर पेस ईसाई भी हैं। "वाह" क्या जोरदार सवाल था! वैसे उन पत्रकार महोदय को ये पूछना या बताना याद नहीं आया कि जूनियर डबल जीतने वाला तीसरा भारतीय हिंदू है। या ये हुआ होगा कि उस पत्रकार की नजर में हिंदुओं के बीच से किसी ईसाई और मुसलमान का जीतना किसी अजूबे से कम नहीं होगा। इसलिए अचंभे के मारे उन पत्रकार ने ये सावल कर डाला। वैसे मुझे ये पता नहीं कि कहीं वो कोई तथाकथित सेकुलर पत्रकार तो नहीं था? शायद इसलिए भी सुमित का जिक्र करना गैरजरूरी रहा होगा। वाह .मैं तो वारा जाऊं ऐसे पत्रकार और उसके लाख टके के सवाल पर!!
    वैसे अच्छा हुआ यार, जो ये सवाल पूछ लिया गया, वरना हम तो आजतक पागलों की तरह जीत के बाद तिरंगा लिए कूदते-फांदते लिएंडर को भारतीय समझते थे। सारे उतार-चढ़ाव के बाद भी सानिया को एक आम भारतीय लड़की समझते थे। बताओ यार जरा....हम कितने पागल हैं....हां नहीं तो।  
   हमें तो आज तक याद ही नहीं आया कि पेस और सानिया का धर्म क्या है? कितने भुलक्कड़ हैं हम...सच्ची यार ...ये विदेशी मीडिया या सेकुलर पत्रकार हमारी गरीबी, धर्मों के बीच के झगड़े वगैरह को हाइलाइट न करे, तो हमें तो कुछ पता ही नहीं चलता है..। हम तो चू@# कि तरह इंडिया..इंडिया चीखते रहते हैं...। 
     हमारी भुलक्कड़ी का एक और वाकया याद आ रहा है। कुछ साल पहले एक मौलवी ने फतवा जारी कर हमें बताने की कोशिश की थी कि सानिया मिर्जा एक मुस्लमान हैं, न कि संविधान से मिले अधिकारों से संपन्न एक भारतीय लड़की। मगर मोटी अक्ल के प्रशंसक आसानी से ये बात भुल गए थे। हाल ही में एक नेता ने भी हमें बताने की कोशिश की थी। फिर भी हम आम आदमी ये जरा सी बात याद नहीं रख पाते कि सानिया मिर्जा मुसलमान हैं।  
    कुछ साल पहले भगवान में शुमार मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी ऐसी ही स्थानीय राजनीति के लपेटे में आ गए थे। उस वक्त सचिन ने करारा जवाब देते हुए कहा था कि वो पहले भारतीय हैं फिर किसी राज्य के। तभी उनके हेलमेट पर तिरंगा होता था। अच्छा है कि ऐसे चंद लोगो की तुलना में सचिन, पेस और सानिया के प्रशंसकों की संख्या करोड़ों में है। भला हो इन खिलाड़ियों का जिनके लिए हम करोड़ों प्रशंसक इन से ज्यादा अहमियत रखते हैं।
   हो सकता है कि शायद वो पत्रकार भारतीयों की विविधता में एकता की ताकत से दुनिया को परिचित कराना चाहते हों....। अब चाहे जो भी हो ..सवाल तो सवाल था...। उसके मतलब कुछ भी निकल सकते हैं। फिलहाल तो दोस्तों अगर जानकर ऐसा सवाल था, तो ऐसे पत्रकारों को मेरी तरफ से साक्षात दंडवत और उनके पिछवाड़े पर हम सब भारतीयों की तरफ से एक जोरदार........ठीक है न!!! आपका क्या ख्याल है?

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