बुधवार, दिसंबर 23, 2015

कीर्ति आजाद से हो गया है सेल्फ गोल?

क्या क्रिकेटर ने सेल्फ गोल मार दिया??
  कीर्ति आजाद ने अरूण जेटली पर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपनी पार्टी पर सेल्फ गोल मार दिया है। कीर्ती आजाद पहले भी दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन में भ्रष्टाचार की बात उठा चुके हैं, मगर लोगो को हैरत कीर्ति के हमले की टाइमिंग को लेकर है। बीजेपी और पीएम मोदी सत्ता में आने के बाद से पिछले कुछ महीने से पहली बार मुश्किलों में है। विपक्ष भी पहली बार बीजेपी पर भारी पड़ता दिख रहा है। अब ऐसे हालात में दिल्ली क्रिकेट एसोशिएशन के भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ कीर्ति आजाद का मैदान में आना किसी की समझ में नहीं आ रहा है। कीर्ति आजाद के इन आरोपों के निशाने पर पीएम मोदी के नजदीकी माने जाने वाले वित्त मंत्री अरूण जेटली आ गए हैं। 
    दो दिन पहले ही सीबीआई छापे से बौखलाए दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने पीएम मोदी और अरुण जेटली पर जोरदार हमला बोला था। संसद रोज ठप हो रही है। बिहार चुनाव की हार पार्टी अबतक पार्टी पचा नहीं पा रही है। ऐसे में कीर्ति आजाद ने पार्टी के अंदर से मोर्चा खोलकर बीजेपी दिग्गजों की परेशानी बढ़ा दी है।   
      2014 के लोकसभा चुनाव की हार के बाद से पहली बार कांग्रेस मोदी सरकार पर हावी दिख रही है।  संसद में बीजेपी के दिग्गज आक्रमक कांग्रेस को घेर नहीं पा रही। हालात ये हैं कि कांग्रेस रोज ताश के महल खड़े करती जा रही है, और उसे ढहाने में ही बीजेपी के पसीने छूट रहे हैं। कांग्रेस जब चाहेखोखले मुद्दों से भी बीजेपी को नचाने में कामयाब हो रही है। जैसा कि असहिष्णुता यानि इनटोलरेंस का मुद्दा था। जिसे कांग्रेस ने अपने साहित्यकारों और कलाकारों के दम पर इतना बड़ा बना दिया जैसे भारत सीरिया बन गया हो। तमाम कोशिश के बाद भी बीजेपी इस गुब्बारे की हवा नहीं निकाल पाई, जिसका खामियाजा बिहार चुनाव में देखने को मिला। काढ़ में खाज ये कि बीजेपी के कई सांसद बिना सोचे समझे उटपटांग बयान दे देते हैं। बिहार में बीजेपी की शर्मनाक हार के कई कारणों में वक्त की नजाकत देखे बोलने वाले बायनवीरों की भूमिका भी कम नहीं थी। अब हालात ये हैं पीएम मोदी ही गोलची से लेकर स्ट्राइकर तक की भूमिका में नजर आ रहे हैं।   
मोदी के वीडियो बम वाले फैन !!
     जब बीजेपी इतनी मुश्किलों में घिरी हुई है, तो ऐसे में सब पूछगें ही कि कीर्ति आजाद को इस वक्त वीडियो बम फोड़ने की क्या जरूरत थी? कहीं ऐसा तो नहीं कि ये दिल्ली क्रिकेट एसोशिएशन की दुश्मनी का नया दौर है? दिलचस्प बात ये है कि कीर्ति आजाद अपने को पीएम मोदी का फैन कहते है। कीर्ति आजाद ये भी कहते हैं कि ये भ्रष्टाचार की बात है किसी के खिलाफ व्यक्तिगत हमला नहीं, पर सच में क्या ऐसा है?
     कीर्ति आजाद इतने नासमझ तो नहीं हैं। बिहार के मंझे हुए राजनीतिज्ञ और पूर्व मुख्यमंत्री भगवत झा आजाद के बेटे हैं कीर्ति। यानि राजनीति उन्हें विरासत में मिली है। खुद डेढ़-दो दशक से राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में ये हो ही नहीं सकता कि उनको पता न हो कि जेटली पर हमला अपरोक्ष रूप से पीएम मोदी पर हमला है। 
....पहले किससे निपटें, बाहर वाले से या अंदर वाले? 
     बीजेपी हालांकि अरुण जेटली के पीछे पूरी ताकत से खड़ी हो गई है। फिर भी शायद समय का फेर है, जो आज पीएम मोदी के जेटली के पक्ष में दिए बयान का भी उल्टा मतलब निकल रहा है। पीएम ने जैसे ही कहा कि उन्हें भरोसा है कि जेटली हावाला कांड में फंसे आडवाणी जी की तरह बेदाग निकल जाएंगे, विपक्ष ने वैसे ही उनका बयान हाथों-हाथ लपक लिया। विपक्ष पूछ रहा है कि क्या जैसे आडवाणी ने आरोप लगने पर इस्तीफा दिया था, तो क्या उसी तरह जेटली को पीएम इस्तीफा देने का हिंट दे रहे हैं? कहना न होगा कि कीर्ति आजाद का वीडियो बम असरदार रहा है। तभी जेटली को कहना पड़ा कि उनकी पार्टी का एक सांसद कांग्रेस से मिलकर उनपर हमला बोल रहा हैं। जेटली के इस बयान का ये अर्थ भी निकलता है कि देर-सबेर कीर्ति आजाद की पार्टी से छुट्टी हो सकती है।  
     इस सारे घटनाक्रम में मेरे एक सहयोगी ने बड़ी सटीक बात कही। उसका कहना है कि जेटली धाकड़ वकील हैं। अगर उन्होंने भ्रष्टाचार किया होगा तो शायद ही कोई लूपहोल छोड़ा होगा। बात ठीक है, पर ये भी सच है कि अपराधी कितना भी चालाक हो, कोई न कोई गलती कर ही जाता है।   अभी तो यही कहा जा सकता है कि कीर्ति आजाद भले कह रहे हों कि ये भ्रष्टाचार की बात है, कोई इसे व्यक्तिगत न ले, पर ऐसा हो नहीं पाया है। कीर्ति आजाद पर इस हमले की टाइमिंग को लेकर पार्टी के लोगो संदेह तो करेंगे ही। फिलहाल तो कीर्ति आजाद ने कांग्रेस समेत विपक्ष का काम कर दिया है। 

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