बुधवार, अप्रैल 06, 2016

'आनंदी' प्रत्यूषा बनर्जी...जिंदगी कैसी है पहेली?

बालिका वधु की 'आनंदी'' का किरदार रही प्रत्यूषा बनर्जी की आत्महत्या ने फिर से ग्लैमर की दुनिया के स्याह पक्ष को चर्चा में ला दिया है। हालांकि इस तरह की चर्चा ग्लैमर वर्ल्ड को बेकार में घेरे में ले लेती है। न ही ग्लेमर वर्ल्ड में, न ही देश में आत्महत्या का सिलसिला नया है, न ही ये थमा है। पिछले कई साल से देश के हर वर्ग के लोग आत्महत्या कर रहे हैं। लगभग हर दिन 3 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। प्रोफेशनल लोग लगातार आत्महत्या कर रहे हैं। बेरोजगार, बहुएं, प्रेमी आत्महत्या कर रहे हैं। ऐसी आत्महत्यां कुछ दिन तक किसी गांव, कस्बे या शहर में कुछ समय तक रहती है। किसान कर्ज न लौटाने से होने वाली बेइज्जती की वजह से आत्महत्या कर लेता है। कोई परिवार का भरण-पोषण न कर पाने की वजह से आत्महत्या कर लेता है। लेकिन जब ग्लैमर से जुड़े लोग आत्महत्या करते हैं, तो राष्ट्रीय स्तर पर ये चर्चा का विषय रहता है। ऐसे मौकों पर समाज अपने अंदर झांकने की जगह "ग्लैमर का अंधेरा पक्ष" जैसे जुमले का इस्तेमाल कर अपनी जिन्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है। 
       आप अकेले लड़ते-लड़ते या रिश्तों में पिसते हुए अवसाद को आत्हत्या का जिम्मेदार मान सकते हैं। ये सच है कि आत्महत्या करने वाला इंसान पूरी तरह से टूट चुका होता है। वो अपने आसपास के लोगो से कटने लगता है और धीरे-धीरे साहस खोता जाता है। फिर एक दिन भगवान के दिए अनमोल तोहफे को समाप्त कर देता है। यानि किसी भी कारण से दुनिया का सामना करने की शक्ति आत्महत्या करने वाला इंसान खो चुका होता है। खबरों के मुताबिक प्रत्यूषा बनर्जी की आत्महत्या की वजह रिश्तों की कशमकश थी। 
   
     कहते हैं कि अभिनेत्री जिया खान ने भी सूरज पंचोली से अपने रिश्तों के उतार चढ़ाव की वजह से मौत को गले लगाया था। हालांकि खबरों के मुताबिक प्रोफेशनल स्तर पर कोई खास प्रोगेस न होने से भी जिया खान हताशा में थी। अक्सर सिलेब्रिटी टूटते और नाकाम होते रिश्तों को बचाने की जगह उससे अलग होने की वकालत करते हैं। जाहिर है जब ऐसे लोग आत्महत्या करते हैं, तो आम वर्ग काफी असमंजस में पड़ जाता है। उसकी समझ में नहीं आता कि नाम, दाम कमाने के बाद भी आखिर क्यों इतने कमजोर पड़ जाती हैं सिलेब्रिटी। जबकि ऐसे लोग भी इंसान ही होते हैं। 
    हकीकत ये भी है कि ग्लैमर की दुनिया में असफलता कई लोगो ने झेली है, रिश्तों में कशमकश भी कई लोगो को तोड़ देती है। ऐसी स्थिती बड़ी से बड़ी सिलेब्रिटी ने झेली है। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और संघर्ष जारी रखा और अंत में सफलता ने उनके कदम चुमे। लाखों लोगो को असफलता भी झेलनी पड़ी, पर इन लोगों ने जीना नहीं छोड़ा। भले ही नाम या दाम नहीं कमा पाए, पर इन लोगो ने जीवन को जिया।
   मशहूर अदाकारा और सांसद हेमामालिनी ने ट्विट के जरिए आत्महत्या को कायरना हरकत बताई है। उनका कहना है कि हर किसी को मुश्किल हालात से सफलतापूर्वक बाहर निकलना सीखना चाहिए न कि दवाब में घूटने टेकना चाहिए। दुनिया फाइटर का सम्मान करती है, न कि लूजर का। देखा जाए तो उन्होंने गलत नहीं कहा। जब आप अपने सपने को जीने की दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो आपको, दुनिया का सामना करना आना चाहिए। कई बार तो परिवार को भी समझा पाना मुश्किल होता है। रिश्ते अगर जी का जंजाल बनने लगे, तो बेहतर होता है रिश्तों को हमेशा के लिए छोड़ देना। जो गुजर जाए उसे भूल जाना ही इसका एकमात्र विकल्प है। बेहतर है कि अपने लिए समय निकाला जाए और आगे बढ़ने कि कोशिश की जाए। या फिर कोशिश हो कि कोई रिश्ता इतना खास न बने कि जिंदगी उसके बिना चलना मुश्किल हो जाए। रिश्तों की ये कशमकश, आर्थिक परेशानी से इंसान इतना टूट जाता है कि वो सांसों की डोर खुद ही तोड़ देता है। सच है कि हर कोई दुनिया में अकेले आया है, और उसे अकेले ही जाना है। जाने क्यों इस वक्त मशहूर शायर ज़ौक़ का शेर याद आ रहा है.....
अब तो घबरा के ये कहते हैं कि मर जायेंगे, 
मर के भी चैन न आया तो किधर जायेंगे,

जिया खान...जिंदगी है बेवफा http://boletobindas.blogspot.in/2013/06/zia-khan.html

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