सोमवार, मई 01, 2017

अलविदा हैंडसम सुपरस्टार

   
कई बार किसी के जाने के बाद आपको एहसास होता है कि उससे आप कितने इम्प्रेस थे। उसका जाना आपको विचलित कर देता है। वो झटका ऐसा होता है जो लगता तो धीरे से है, पर उसका असर गहरा होता है। ऐसा ही कुछ हुआ विनोद खन्ना के जाने से। एक हैंडसम सुपरस्टार जो हमेशा हंसता मुस्कुरता दिखता रहा हो, कुछ दिन पहले कमजोर सा नजर आता है, फिर सबकुछ ठीकठाक है की सूचना के बीच, अचानक अलविदा कह देता है। ये सबकुछ इतना तेजी से होता है कि लोग तस्वीर के इफेक्ट से ऊबर भी नहीं पाए थे।  
  असल में चंद दिन पहले अस्पताल में एक कमजोर से दिखने वाले शख्स की तस्वीर अचानक व्हाट्सअप और सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। तस्वीर को लेकर क्लेम किया गया ये विनोद खन्ना की तस्वीर है। तस्वीर के साथ खबर वायरल हुई कि विनोद खन्ना को कैंसर है, और वो अस्पताल में भर्ती हैं। तस्वीर ने विनोद खन्ना के डाईहार्ड फैन और मेरे जैसे फिल्मों के दीवानों को अंदर तक झकझोर दिया था। लोग हैरानी से तस्वीर को फॉर्वड कर रहे थे और पूछ रहे थे कि क्या सच में तस्वीर और खबर सच्ची है। तस्वीर में अपने हैंडसम सुपरस्टार को लाचार कमजोर देख लोग अदंर तक हिल गया।
  लगभग सवा साल पहले ही विनोद खन्ना फिल्म दिलवाले में अपने चिरपरिचत अंदाज में नजर आए थे। इसिलए अचानक विनोद खन्ना की अस्पताल से आई तस्वीर से सब भौंचके रह गए थे। जाहिर है कोई इसको पचा नहीं पा रहा था और जब लोगो ने सवाल करने शुरू किए तो वही हुआ जो अक्सर सेलेब्स या नेताओं की बीमारी के वक्त होता है। बात को छुपा लिया गया और परिवार की तरफ से ये संदेश दिया गया कि सब ठीक है और विनोद खन्ना डिहाइड्रेशन के शिकार हैं। खबर आई कि अस्पताल ने भी सब ठीकठाक है की सूचना जारी की है। ये सब चल ही रहा था कि उनके निधन की खबर भी वायरल हो गई। जो बाद में गलत निकली। इस बीच मेरे समेत कई लोगो को ध्यान आया कि विनोद खन्ना कई दिनों से पब्लिक में नहीं दिखे हैं। मन अनहोनी की आंशका से ग्रसित हो गया।
    ये सच है कि जो आया है उसे दनिया से रूखसत होना है। फिर भी मेरे जैसे कई लोग ऊपर से नॉर्मल थे, पर अंदर से अनहोनी की प्रबल आशंका से बीच भी लगातार विनोद खन्ना की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे। दिमाग में कपिल शर्मा के कॉमेडी शो का विनोद खन्ना वाला एपिसोड भी घूम रहा था। जिसमें वो काफी कम बोले थे। जिससे मुझे पहली बार विनोद खन्ना के बीमार होने की शंका हुई थी। बावजूद इसके बीमारी इतनी गंभीर होगी, ये दिमाग में नहीं आया था। इसिलए जब तस्वीर के साथ क्लेम किया जाने लगा, तो सोशल मीडिया में तस्वीर लेने वाली की खूब लानत-मलानत की गई। लोगो ने उसे खूब गाली दी। तस्वीर को खारिज करने के लिए तमाम तर्क दिए गए। मीडिया, सोशल मीडिया पर सकते में आए उनके और हिंदी सिनेमा के फैन्स की हैरत भरी प्रतिक्रिया आने लगी। उनकी सलामती और लंबी उम्र की दुआएं की जाने लगी।
   इतनी दुआओं के बावजूद शायद ईश्वर पत्थर दिल हो गए थे। उन्हें शायद ये ही मंजूर था। विनोद खन्ना के अलविदा कहने का समय आ गया था। वो शायद दुनिया में अपना किरदार निभा चुके थे। सत्तर साल की जिंदगी के पचास साल फिल्मों को दे चुके थे। राजनीति मे बीस साल की लंबी बेदाग पारी खेल चुके थे। भविष्य के दो सुपरस्टारों से थोड़ा पहले पारी का आगाज करके उन दोनों के दुनिया को चौंधिया देने वाले दौर में भी अपना चमकदार मुकाम बना कर इतिहास बना चुके थे....
 हो सकता है बाद में उनका संदेश उनके परिवार की तरफ से अपने फैन के लिए रिलीज किया जाए, जैसे सुपरस्टार राजेश खन्ना ने अपने फैन के लिए रिकॉर्ड करके रखा था। हो सकता है....बहुत कुछ हो सकता है....लेकिन जरूरी भी नहीं कि हो..जैसे की मेरे शब्दों में तारतम्य नहीं है.....आसान नहीं होता किसी को अलविदा कहना...लिखना....खासकर तब..जब अलविदा कहने वाला हीरो हो..सबसे हैंडसम हीरो...जिससे आप प्यार करते हों....
   इस झटके से उबरने में जेहनी तौर पर कुछ समय तो हम जैसों को लग गया है। जाहिर है कि उनके परिवार और डायहॉर्ड फैन के लिए ये झटका काफी गहरा होगा। एक न भूलने वाली मुस्कान..को कौन भुल सकत है...कैसे कोई ये मान सकता है कि ये मुस्कान अब कभी नहीं दिखेगी। जज्बातों को समटने में वक्त लगता है...मगर अंदर अचानक आए सन्नाटे से उबरने में वक्त लगेगा....उस सन्नाटे से....जहां कुछ गूंज रहा है....जिंदगी तो बेवफा है, एक दिन ठुकराएगी...मौत है मेहबूबा है..अपने साथ लेकर जाएगी....